बरही।(सत्येन्द्र गौतम) नगर के अमरपुर रोड से सटी शासकीय श्मशान भूमि खसरा नंबर 920/1 पर अवैध कब्जे के प्रयासों को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। दलित चौधरी समाज के सैकड़ों लोगों ने कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार और नगर पंचायत सीएमओ को ज्ञापन सौंपकर श्मशान भूमि को मुक्त कराने और दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि बरही हल्का नंबर 10 स्थित इस शासकीय श्मशान भूमि पर वर्ष 1970 से 2010 तक के राजस्व अभिलेखों में स्पष्ट रूप से दर्ज है कि यह भूमि दाह-संस्कार हेतु सुरक्षित है, जिस पर चौधरी समाज पिछले 50–60 वर्षों से अपने पूर्वजों का अंतिम संस्कार करता आ रहा है।
आरोप है कि खसरा नंबर 914/1, रकबा 0.121 हे. की भूमि, जो ब्रम्हदत्त तिवारी के नाम थी, उसके सीमांकन की प्रक्रिया में पटवारी और राजस्व निरीक्षक द्वारा बड़े स्तर पर गड़बड़ी की गई है। शिकायत के अनुसार, वर्ष 2006–07 के दौरान राजस्व कर्मचारियों ने पुराने अभिलेखों को दरकिनार कर गलत सीमांकन करते हुए श्मशान भूमि 920/1 को शामिल कर लिया, जिससे क्रेता पक्ष को अनुचित लाभ पहुंचाया गया। आरोप यह भी है कि कब्जाधारियों द्वारा जेसीबी मशीन से श्मशान स्थल को नुकसान पहुँचाते हुए सीमा चिन्ह हटाकर जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया गया।
चौधरी समाज के सदस्यों ने बताया कि विक्रेता ब्रम्हदत्त तिवारी एवं श्यामनंदन तिवारी अपनी मूल भूमि 914/1 व 914/2 को बेच चुके हैं, लेकिन खरीदार कथित रूप से 914 की जगह 920/1 श्मशान भूमि में कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। समाज का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने रोकथाम नहीं की तो श्मशान भूमि पर बेजा कब्जा स्थायी रूप ले लेगा। उन्होंने अधिकारियों से सीमांकन पुनः करवाकर भूमि को मुक्त कराने और दोषी राजस्व कर्मचारियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।
