बरही (सत्येन्द्र गौतम )तहसील के अंतर्गत आने वाले सलैया सिहोरा गांव में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अचानक एक हेलीकॉप्टर गाँव के पास बने मैदान में उतर आया। हेलीकॉप्टर को नीचे उतरते देख ग्रामीणों में उत्सुकता और उमंग फैल गई। देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुँच गए। कई ग्रामीणों ने यह सोचकर खुशी जताई कि संभवतः फिर से कोई बड़े नेता—विशेषकर मुख्यमंत्री—गांव आए हैं और इससे गांव की किस्मत एक बार फिर बदल सकती है।
ग्रामीणों के उत्साह का मुख्य कारण 2002 की वह याद थी, जब तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह इसी गांव में हेलीकॉप्टर से उतरे थे। उस समय उनकी अचानक हुई यात्रा के बाद गांव में कई विकास कार्य हुए थे, जिससे लोगों का जीवन बदला था। इसी स्मृति के चलते लोग इस अचानक लैंडिंग को विकास की उम्मीद से जोड़कर देखने लगे।
हालाँकि, कुछ ही देर में स्पष्ट हो गया कि हेलीकॉप्टर किसी वीआईपी के आगमन के लिए नहीं, बल्कि तकनीकी खराबी के कारण उतारा गया है। पायलट ने सुरक्षा के मद्देनजर नजदीकी सुरक्षित स्थान के रूप में गांव के स्कूल परिसर को चुना और वहीं हेलीकॉप्टर को खड़ा कर दिया। तकनीकी टीम को सूचना देकर मरम्मत की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। तब तक हेलीकॉप्टर स्कूल परिसर में ही खड़ा है और सुरक्षा के लिए स्थानीय प्रशासन ने क्षेत्र को घेराबंदी कर दी है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायज़ा लिया। ग्रामीणों की भीड़ को नियंत्रित करते हुए सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई। हालांकि यह लैंडिंग तकनीकी कारणों से हुई, लेकिन गांव में कुछ समय के लिए उत्साह और उम्मीद का माहौल जरूर दिखा। हेलीकॉप्टर को लेकर बच्चों और ग्रामीणों में दिनभर चर्चा बनी रही।
