संदीप की टेरेटरी” मे दखलन्दाजी से टेम्प्रेचर हाई, राजनीती भी गरमाई

News Jantantra

कटनी(सत्येन्द्र गौतम ) जिले की राजनीति इन दिनों अंदरखाने चल रही खींचतान और शक्ति प्रदर्शन को लेकर खासा चर्चा में है। जिले में हमेशा से मजबूत पकड़ रखने वाले एक वरिष्ठ नेता की सक्रियता ने स्थानीय राजनीतिक समीकरणों को अचानक बदल दिया है। माना जा रहा है कि इस बार उनकी बढ़ती दखलअंदाजी से क्षेत्रीय विधायक खुद को कुछ असहज महसूस कर रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि “संदीप की टेरेटरी” मानी जाने वाली जमीन पर जिस तरह से दूसरे नेताओं की सक्रियता बढ़ी है, उसने भीतर ही भीतर नई खिचड़ी पकाना शुरू कर दिया है।
हाल ही में हुए प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम में भी इसका असर साफ देखने को मिला। जहां एक ओर पार्टी संगठन सामूहिक शक्ति प्रदर्शन की तैयारी में था, वहीं दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर अलग से कार्यक्रम आयोजित कराने की कवायद ने कई सवाल खड़े कर दिए। जानकारों का कहना है कि यह केवल कार्यक्रमों का टकराव नहीं, बल्कि आने वाले समय की राजनीतिक जमीन मजबूत करने की रणनीति है।
सूत्रों के मुताबिक, जिले में बढ़ती राजनीतिक सक्रियता के बीच समर्थकों के बीच भी गुटबाजी धीरे-धीरे खुलकर सामने आने लगी है। एक पक्ष जहां पुराने नेतृत्व के अनुभव और पकड़ को मजबूत मान रहा है, वहीं दूसरा पक्ष नए समीकरणों के जरिए अपनी ताकत दिखाने में जुटा है।
राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो आने वाले चुनावों से पहले यह हलचल सिर्फ शुरुआत है। फिलहाल सभी नेता सार्वजनिक रूप से एकजुटता का संदेश दे रहे हैं, लेकिन अंदरखाने चल रही रणनीति और शक्ति संतुलन की लड़ाई ने जिले की राजनीति को गर्म जरूर कर दिया है।

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