कटनी (सत्येन्द्र गौतम)पूर्णकालिक बनकर कटनी में संगठनमंत्री रहे शादीशुदा आशुतोष तिवारी को दतिया चुनाव मैदान में भाजपा ने उतार दिया है। जितनी चर्चा उनकी दतिया में हो रही है उतनी ही कटनी में भी शुरू है।
राजनीतिक अंदरखाने में कयास लगाए जा रहे हैं कि *दतिया कहीं बहोरीबंद उपचुनाव न साबित हो।* क्योंकि दोनों में काफी समानता है। दोनों स्थानों पर संघ के पसंद को टिकिट दी गई। दोनों जगह स्थाई प्रत्याशी को दरकिनार कर टिकट दी गई। दोनों जगह स्थाई प्रत्याशी यही बोले पार्टी का निर्णय उचित और शिरोधार्य। बाकी बहोरीबंद चुनाव में वंचित किए गए प्रत्याशी को सबने देखा था। दोनों जगह टिकटधारी प्रत्याशी को आम मतदाताओं तक पकड़ और पहुंच काफी कम। दोनों जगह स्थानीय संगठन में स्थाई मूल प्रत्याशी की पकड़।
दूसरा कटनी में तिवारी को करीब से देखने वाले लोगों का कहना है कि तिवारी कटनी के पूरे कार्यकाल में सिर्फ धन्नासेठ, बाहुबली और सक्षम लोगों तक सक्रिय रहते थे। कटनी व सतना दायित्व होने से दोनों जगह कम समय देते रहे है। बाकी निजी स्कूल की मास्टरी से करोड़ी सफर के चर्चे दबी जुबान खूब चल रहे, लेकिन खुल कर नहीं।