कटनी में मतदाता सूची से नाम काटने का आरोप, भाजपा पर लगाया गया साजिश का आरोप

News Jantantra

कटनी(सत्येन्द्र गौतम)भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मध्य प्रदेश सहित कटनी जिले में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एस.आई.आर.) कार्य किया जा रहा है। इसके तहत प्रारंभिक मतदाता सूची का प्रकाशन 23 दिसंबर 2025 को किया जा चुका है। इस सूची में शामिल नामों पर प्रारूप-6 के माध्यम से दावा एवं प्रारूप-7 के माध्यम से नाम विलोपन के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
प्रशासनिक प्रक्रिया के अनुसार विधानसभा क्षेत्र के सभी बूथों पर बी.एल.ओ. द्वारा घर-घर जाकर मतदाता फार्म का वितरण किया गया, मतदाताओं का सत्यापन किया गया और उसके पश्चात ही प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन हुआ।
इसी बीच भाजपा पर प्रारूप मतदाता सूची में शामिल हजारों मतदाताओं के नाम कटवाने की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया गया है। आरोप है कि रघुनाथगंज वार्ड क्रमांक 23 के बूथ नंबर 178, न्यू कटनी जंक्शन क्षेत्र के बूथ क्रमांक 138 से 149 सहित शहर के कई अन्य वार्डों के मतदाता केंद्रों में हजारों मतदाताओं के नाम हटाने के लिए फर्जी आपत्तिकर्ताओं के नाम से तहसील कंट्रोल रूम में आवेदन दिए गए हैं।
आरोपकर्ताओं का कहना है कि सामान्यतः किसी नाम पर आपत्ति होने की स्थिति में संबंधित व्यक्ति बूथ पर जाकर बी.एल.ओ. को आवेदन देता है, लेकिन इस मामले में हजारों आवेदन एक साथ सीधे कंट्रोल रूम में जमा कराए गए। इन आवेदनों को कथित रूप से कंट्रोल रूम कर्मचारियों द्वारा सुपरवाइजर को भेजा गया और अब बी.एल.ओ. पर दबाव बनाकर ऐसे मतदाताओं के नाम काटने का प्रयास किया जा रहा है, जो जन्म से वहीं के निवासी हैं और वर्तमान में भी उसी क्षेत्र में निवासरत हैं।
रघुनाथगंज वार्ड के बूथ क्रमांक 178 का एक मामला सामने आया है, जहां ग्रामीण क्षेत्र के ग्राम गुलवारा निवासी दिलीप, पिता आशाराम हल्दकार के नाम से फर्जी हस्ताक्षर कर आपत्ति आवेदन दिया गया। जांच में सामने आया कि दिलीप पिता आशाराम हल्दकार ने ऐसा कोई आवेदन नहीं दिया है और वह हिंदी नहीं बल्कि अंग्रेजी में हस्ताक्षर करता है।
इसी तरह बूथ क्रमांक 142 के संबंध में रमेश, पिता शिवचरण के नाम से नाम कटवाने का आवेदन दिया गया, जबकि जानकारी में आया कि रमेश दुबे जाति का है, ग्राम देवडोंगरा का निवासी है और उसने भी किसी प्रकार का कोई आवेदन नहीं दिया है।
मामले को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मची हुई है। अब देखना होगा कि निर्वाचन आयोग और जिला प्रशासन इन आरोपों की जांच कर क्या कार्रवाई करता है।

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