राजीव गांधी कॉम्प्लेक्स विवाद: नगर निगम कटनी पर मंडराया 22.60 करोड़ का संकट

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कटनी।(सत्येन्द्र गौतम ) रेलवे स्टेशन चौराहा स्थित राजीव गांधी शॉपिंग कॉम्प्लेक्स परियोजना नगर निगम के लिए अब गंभीर वित्तीय और प्रशासनिक संकट का कारण बन गई है। सुप्रीम कोर्ट ने नगर निगम की विशेष अनुमति याचिका खारिज करते हुए ठेकेदार खुशीराम एंड कंपनी के पक्ष में आर्बिट्रेशन का फैसला बरकरार रखा है। 2012 में अदालत ने निगम को 22.60 करोड़ रुपये भुगतान का आदेश दिया था, जिसके पालन में अब ठेकेदार की राशि वसूली हेतु निगम संपत्तियों की कुर्की की प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी मिली है।

मामले की जड़ वर्ष 2000 में हुए टेंडर और 2001 में दिए गए कार्य आदेश से जुड़ी है। प्रमोटर स्कीम के तहत पीडब्ल्यूडी से जमीन लेकर वाणिज्यिक केंद्र निर्माण की योजना बनाई गई थी, लेकिन 2005 में विवाद तब शुरू हुआ जब ठेकेदार को अनुबंध के अनुसार 10 हजार वर्गफुट कम जमीन दी गई। भूमि उपलब्ध न कराए जाने के कारण विवाद बढ़ता गया और अंततः यह मामला जिला अदालत से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया। हर स्तर पर नगर निगम को हार का सामना करना पड़ा।

वरिष्ठ पार्षद मिथलेश जैन एडवोकेट ने 15 अक्टूबर 2024 को मुख्य सचिव को भेजी शिकायत में आरोप लगाया कि तत्कालीन अधिकारियों ने ठेकेदार से मिलीभगत कर नियमों को ताक पर रख अनुबंध किया और न्यायालय में प्रभावी पैरवी नहीं की। इसी लापरवाही के चलते नगर निगम को करोड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है।

वहीं ठेकेदार राजेश ककवानी ने कहा कि इस परियोजना से उन्हें मानसिक और आर्थिक दोनों रूप से नुकसान हुआ, फिर भी उन्होंने शहर हित में हर संभव सहयोग किया। नगर निगम की संपत्ति कुर्की की नौबत आने से अब निगम की वित्तीय स्थिति पर गंभीर संकट मंडरा रहा है।

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