कटनी।(सत्येन्द्र गौतम)प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन (PM-SYM) योजना असंगठित क्षेत्र के कामगारों को वृद्धावस्था में सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई एक स्वैच्छिक एवं अंशदायी पेंशन योजना है। यह योजना विशेष रूप से रिक्शा चालक, फेरीवाले, घरेलू कामगार, खेतिहर मजदूर, मनरेगा श्रमिक, निर्माण श्रमिक, बीड़ी एवं हथकरघा कामगार, कूड़ा बीनने वाले, मोची, धोबी, ईंट-भट्ठा मजदूर, स्वयं का काम करने वाले श्रमिक सहित अन्य असंगठित पेशों में कार्यरत लोगों के लिए बनाई गई है।
इस योजना में 18 से 40 वर्ष की आयु के वे असंगठित कामगार पात्र हैं जिनकी मासिक आय 15,000 रुपये या उससे कम है। योजना का लाभ वही व्यक्ति ले सकते हैं जो संगठित क्षेत्र में कार्यरत न हों और ईपीएफ, एनपीएस, ईएसआईसी के सदस्य या आयकर दाता न हों। नामांकन के लिए आधार कार्ड और बचत या जन-धन बैंक खाता अनिवार्य है।
योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए वैद्य प्रभारी डॉ सर्वजीत सिंह रघुवंशी ने बताया कि लाभार्थी को 60 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद न्यूनतम 3,000 रुपये प्रति माह की सुनिश्चित पेंशन दी जाती है। लाभार्थी की मृत्यु की स्थिति में उसके पति या पत्नी को 50 प्रतिशत पारिवारिक पेंशन का प्रावधान है। योजना में लाभार्थी द्वारा मासिक योगदान किया जाता है, जो बैंक खाते से ऑटो-डेबिट के माध्यम से कटता है, और केंद्र सरकार भी उतनी ही राशि का योगदान करती है।
नामांकन की प्रक्रिया देशभर के कॉमन सर्विस सेंटरों (CSC) के माध्यम से की जाती है। इसके अतिरिक्त श्रम कार्यालय, एलआईसी, ईपीएफओ और ईएसआईसी कार्यालय भी सुविधा केंद्र के रूप में कार्य करते हैं। योजना का संचालन श्रम मंत्रालय द्वारा किया जाता है, जबकि निधि प्रबंधन और पेंशन भुगतान की जिम्मेदारी भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) की है।
योजना में निकास के प्रावधान सरल रखे गए हैं, जिससे आवश्यकता पड़ने पर लाभार्थी संचित राशि ब्याज सहित वापस प्राप्त कर सकता है। कुल मिलाकर PM-SYM योजना असंगठित क्षेत्र के कामगारों को आर्थिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन का भरोसा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा