प्राकृतिक संपदा से भरपूर मध्य प्रदेश में साहसिक पर्यटन की असीम संभावनाएं – मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड और ATOAI ने किया साहसिक पर्यटन के नए युग का शंखनाद

News Jantantra

सतना /भोपाल- मध्य प्रदेश को प्रमुख एडवेंचर हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में, मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड ने ATOAI (एडवेंचर टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया) के सहयोग से ‘एडवेंचर टूरिज्म सेमिनार 2026’ का सफल आयोजन किया। “नए युग के लिए एडवेंचर रणनीति” विषय पर 100 से अधिक प्रमुख हितधारकों ने राज्य के लिए अत्याधुनिक साहसिक रोडमैप तैयार करने के लिए विचार-विमर्श किया।

मध्य प्रदेश सरकार पर्यटन विभाग के सचिव एवं मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक डॉ. इलैयराजा टी ने सेमिनार को संबोधित करते हुए कहा कहा- “ATOAI के साथ यह साझेदारी राज्य की विकास रणनीति का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। हम मिलकर नए एडवेंचर उत्पाद विकसित कर रहे हैं और ऐसे केंद्र बना रहे हैं जो वैश्विक सुरक्षा मानकों को पूरा करते हैं। हमारा लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को मध्य प्रदेश की प्रकृति और संस्कृति के अनूठे संगम का अनुभव कराना है, जिससे एक भविष्य के लिए एडवेंचर इकोसिस्टम तैयार हो सके।”

सेमिनार की चर्चा नीति और उद्योग के बीच समन्वय बनाने पर केंद्रित रही। MPTB के अपर प्रबंध संचालक डॉ. अभय अरविंद बेडेकर ने रेखांकित किया कि “हिंदुस्तान के हृदय” को सुरक्षा और स्थिरता के आधार पर “साहसिक पर्यटन का हृदय” भी बनना चाहिए। प्रस्तावों और रणनीतिक साझेदारियों पर मजबूत फोकस के साथ, मध्य प्रदेश प्रकृति प्रेमियों के लिए विश्व स्तरीय गंतव्य बनने की नींव रख रहा है।

*2026 रोडमैप के मुख्य केंद्र बिंदु:*
प्रशासनिक ढांचा: स्थानीय संचालन को अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के अनुरूप बनाना।
तकनीकी एकीकरण: बेहतर गंतव्य प्रबंधन के लिए AI और उन्नत तकनीक का लाभ उठाना।
बुनियादी ढांचा विकास: मध्य प्रदेश की विविध नदी घाटियों, जंगलों और पहाड़ों का उपयोग विश्व स्तरीय प्रतिस्पर्धी अनुभव प्रदान करने के लिए करना।

इस कार्यक्रम में MPTB के संयुक्त संचालक डॉ संतोष श्रीवास्तव भी उपस्थित रहे। साथ ही श्री अजीत बजाज (अध्यक्ष, ATOAI), श्री मिलिंद भिड़े (ATOAI चैप्टर चेयरमैन), और श्री एल. कृष्णमूर्ति (सीईओ, एमपी इको-टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड) सहित उच्च अतिथियों ने भाग लिया। उनकी उपस्थिति ने एडवेंचर क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के लिए भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय और राज्य अधिकारियों के बीच एकीकृत प्रयासों की पुष्टि की। कार्यक्रम में पर्यटन मंत्रालय द्वारा एक विशेष फिल्म का प्रदर्शन किया गया, जिसके बाद “नए युग के लिए एडवेंचर रणनीति” विषय पर एक उच्च-स्तरीय पैनल चर्चा आयोजित की गई। इस चर्चा का संचालन श्री मिलिंद भिड़े द्वारा किया गया, जिसमें MPTB, MPEDB, ATOAI और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र के प्रमुख हितधारकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।

श्री एल. कृष्णमूर्ति, CEO, एमपी इको-टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड और APCCF, वाइल्डलाइफ ने “संरक्षित परिदृश्यों में उत्तरदायी साहसिक पर्यटन: नीति, भागीदारी और संरक्षण परिणाम” विषय पर कहा, “साहसिक पर्यटन के प्रति मध्य प्रदेश का दृष्टिकोण संरक्षण, जिम्मेदार प्रथाओं और सामुदायिक भागीदारी पर मजबूती से टिका है। जैसे-जैसे हम ट्रेकिंग, कयाकिंग और कैंपिंग जैसे विकल्पों का विस्तार कर रहे हैं, हमारी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि साहसिक पर्यटन का विकास संरक्षण में सहायक हो, स्थानीय आजीविका को मजबूत करे और सुरक्षित एवं टिकाऊ अनुभव प्रदान करे।”

श्री अजीत बजाज (अध्यक्ष, ATOAI) ने संबोधन में कहा, “भारत साहसिक पर्यटन के एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है, जहाँ अब हमारा ध्यान सुरक्षा, स्थिरता और वैश्विक मानकों की ओर स्थानांतरित होना चाहिए। मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड के साथ हमारी साझेदारी इस बात का एक सशक्त उदाहरण है कि कैसे सरकार और उद्योग मिलकर एक सुसंगत इकोसिस्टम बना सकते हैं। अपने विविध परिदृश्यों और प्रगतिशील दृष्टिकोण के साथ, मध्य प्रदेश देश में एक प्रमुख साहसिक पर्यटन केंद्र के रूप में उभरने के लिए पूरी तरह तैयार है।”

इसके बाद के सत्रों में श्री दक्ष शर्मा द्वारा एक ‘बिजनेस मास्टरक्लास’ का आयोजन किया गया, जिसमें उन्होंने ‘प्रेडिक्टेबल लीड जनरेशन’ के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग पर प्रकाश डाला। वहीं, ATOAI के मानद कोषाध्यक्ष श्री नीरत भट्ट ने सुरक्षा मानकों को बनाए रखते हुए ‘एडवेंचर बिजनेस को बड़े स्तर पर ले जाने’ पर बात की। कार्यक्रम का समापन एक इंटरैक्टिव सत्र के साथ हुआ।

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