बरही।(सत्येन्द्र गौतम ) क्षेत्र में खाद की उपलब्धता को लेकर किसानों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। किसानों का आरोप है कि बरही की खाद दुकानों में पर्याप्त मात्रा में खाद का भंडारण होने के बावजूद किसानों को ई टोकन में बरही की खाद दुकानों का नाम ही नही प्रदशित नही करता है जिसके कारण समय पर खाद नहीं मिल पा रहा है। खेती के महत्वपूर्ण दौर में खाद के लिए भटक रहे किसान संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।
किसानों का कहना है कि धान और अन्य खरीफ फसलों की तैयारी के लिए उन्हें डीएपी और यूरिया जैसी खाद की आवश्यकता है, लेकिन दुकानों पर पहुंचने पर कभी स्टॉक खत्म होने तो कभी वितरण न होने का हवाला देकर उन्हें वापस लौटा दिया जाता है। इससे किसानों को कई दिनों तक चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कई किसानों ने बताया कि निजी दुकानों और गोदामों में खाद का पर्याप्त भंडारण दिखाई दे रहा है, फिर भी आम किसानों को जरूरत के अनुसार खाद उपलब्ध नहीं कराई जा रही है।
ग्रामीण क्षेत्रों से आए किसानों का आरोप है कि खाद वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता की कमी है। समय पर खाद नहीं मिलने से फसलों की बुवाई और कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि खाद वितरण की नियमित निगरानी की जाए और वास्तविक जरूरतमंद किसानों को प्राथमिकता के आधार पर खाद उपलब्ध कराई जाए।
वहीं, इस पूरे मामले में जिम्मेदार अधिकारी और संबंधित विभाग अनजान बने हुए हैं। किसानों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। प्रशासन की उदासीनता के कारण किसानों में नाराजगी बढ़ रही है।
किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही खाद की सुचारु व्यवस्था नहीं की गई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। क्षेत्र के किसानों ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर खाद वितरण व्यवस्था को दुरुस्त करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, ताकि किसानों को राहत मिल सके और कृषि कार्य प्रभावित न हों।
ई टोकन वितरण में बरही में खाद वितरण दुकान का नाम ही नही करता है शो,कलेक्टर व मुख्यमंत्री की मंशा पर फिर रहा है पानी,जबकि अगर जांच की जाए तो दुकानदार के पास पर्याप्त मात्रा में खाद का भंडारण रखा हुआ है,किसानों ने कलेक्टर से मांग की है कि जांच कर दुकानदारों का लाइसेंस रद्द करते हुए जिम्मेदारी तय की जाए।
बरही में खाद दुकानों में पर्याप्त भंडारण के बावजूद किसानों को नहीं मिल रहा खाद, किसान परेशान
